HINDU TEMPLE IN KOTA (कोटा में मंदिर)
राजस्थान का कोटा शहर केवल शिक्षा और चंबल नदी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है। कोटा का हर temple in kota श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। यहाँ शिव, कृष्ण, हनुमान, गणेश, शक्ति और साईं बाबा के अनेक प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं।
नीचे कोटा के 20 प्रमुख मंदिरों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत है –
1. राधा कृष्ण मंदिर (Radha Krishna Mandir in Kota)
राधा कृष्ण मंदिर (Radha Krishna Mandir in Kota) – कोटा के तलवंडी क्षेत्र में स्थित राधा कृष्ण मंदिर एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं शांति का केंद्र है । जिसका निर्माण 1993 में हुआ था। यह अपने शांत वातावरण, सुंदर मूर्तियों और विशेष रूप से “आस्था की दीवार” के लिए प्रसिद्ध है, जहां छात्र परीक्षा में सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं लिखते हैं।यह एक शांतिपूर्ण स्थान है जहां अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी हैं ।
- मान्यता है कि 24 सालों से मंदिर की दीवार पर बच्चे अपनी मनोकामना लिखते आ रहे हैं। मंदिर “आस्था की दीवार”के लिए प्रसिद्ध है।
- स्थान – Talwandi, Jhalawar Road, Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Radha Krishna Mandir -2 km
2. खड़े गणेश जी मंदिर (Khade Ganesh Ji Mandir in Kota)
खड़े गणेश जी मंदिर (Khade Ganesh Ji Mandir in Kota) – कोटा में स्थित खड़े गणेश जी मंदिर एक प्रसिद्ध प्राचीन हिंदू मंदिर है, मंदिर में भगवान गणेश की एकमात्र मूर्ति है जो की खड़ी हुई मुद्रा में स्थापित की गई है.अधिकांश मंदिरों में गणेश जी बैठे या लेटे हुए पाए जाते हैं।माना जाता है कि यह मंदिर 500-600 वर्ष से अधिक पुराना है और चंबल नदी के पास स्थित एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। गणेश चतुर्थी त्यौहार के दिन यहां हजारो की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ होती है।
- मान्यता है कि यह मंदिर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करता है और यहां स्थापित गणेश जी की मूर्ति का मुख दक्षिण दिशा में है, जो शुभ माना जाता है।
- स्थान –Khade Ganesh Mandir, MBS Road, Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Khade Ganesh Ji Mandir – 8km
3. शिवपुरी धाम (Shiv Puri Dham in Kota)
शिवपुरी धाम (Shiv Puri Dham in Kota) – राजस्थान के कोटा राजस्थान में थेकड़ा इलाके में स्थित एक अनोखा शिव मंदिर है, जो एक ही स्वस्तिक आकृति में 525 शिवलिंगों के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें 15 फुट की विशाल पशुपतिनाथ प्रतिमा भी शामिल है। यह मंदिर पवित्र जल और प्राकृतिक सुंदरता के साथ एक आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है, और विशेष रूप से महाशिवरात्रि जैसे त्योहारों के दौरान लोकप्रिय होता है।यहाँ चौरासी कोस की परिक्रमा बनी हुई हैं। खासकर महाशिवरात्रि के दिन यहाँ हजारो की संख्या में भगवान शिव के दर्शन करने श्रद्धालु आते हैं।
- मान्यता है कि यहाँ दर्शन करने से 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के समान फल प्राप्त होता है।
- स्थान –Thekda , Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Shiv Puri Dham – 4.5 km
4. जग मंदिर (Jag Mandir in Kota)
- मान्यता है कि यह शाही परिवार का ग्रीष्मकालीन विश्राम स्थल था।
- स्थान –Kishor Sagar Lake, Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Jag Mandir Kota – 2.0 km
5. कंसुआ शिव मंदिर (Kansua Shiv Mandir in Kota)
कंसुआ शिव मंदिर (Kansua Shiv Mandir in Kota) – राजस्थान के कोटा में स्थित कंसुआ मंदिर (कर्णेश्वर मंदिर)चंबल नदी पर स्थित एक प्राचीन और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण शिव मंदिर है, मंदिर में एक चार मुखों वाला शिवलिंग है।जिसे विश्व में अद्वितीय माना जाता है। माना जाता है कि यह शिवलिंग पांडवों के वनवास काल का है और इसमें जटिल नक्काशी और वास्तुकला है, यहाँ सुबह सूरज की पहली किरणें शिवलिंग का अभिषेक करती हैं, यह अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा और कण्व जैसे ऋषियों से ऐतिहासिक संबंधों के कारण तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है
- मान्यता है कि यह ऋषि कण्व की तपोस्थली है, जहाँ शकुंतला और दुष्यंत का मिलन हुआ था और भरत का जन्म हुआ, जिनके नाम पर देश का नाम ‘भारत’ पड़ा।
- स्थान – Kansuwa , Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Kansua Shiv Mandir – 5.5 km
6. श्री जगत मंदिर (Shree Jagat Mandir in Kota)
श्री जगत मंदिर (Shree Jagat Mandir in Kota) – कोटा के रामतलाई मैदान, मोखापाड़ा ,कोटा, राजस्थान स्थित श्री जगत माता मंदिर एक हिंदू धर्म का शांतिपूर्ण मंदिर है, जो स्थानीय लोगों और भक्तों के बीच आस्था और भक्ति का एक महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। खासकर नवरात्रों में, और यह मंदिर अपने शांत वातावरण और भव्य श्रृंगार के लिए प्रसिद्ध है।
यह मंदिर स्थानीय लोगों के लिए सिर्फ पूजा का स्थान नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक शांति और मन-श्रद्धा का केंद्र भी है। यहाँ भक्त नियमित रूप से आते हैं, पूजा करते हैं और भगवान/देवी के आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं।
अगर आप कोटा में हैं या आसपास रह रहे हैं, तो यह स्थल धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव के लिए एक अच्छा स्थान माना जाता है।
- विशेषता: यह मंदिर अपने सुंदर और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। श्रद्धालु यहाँ मन की शांति, आध्यात्मिक अनुभव और सकारात्मक ऊर्जा पाने आते हैं
- मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती हैं ,खासकर संतान प्राप्ति ,विवाह और सुख -शांति के लिए भक्त आते हैं ।
- स्थान –Ramtalai Maidan, Mokhapara, Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Jagat Mandir – 1.8 km
7. गोदावरी धाम बालाजी मंदिर (Godavari Dham Balaji Temple in Kota)
गोदावरी धाम बालाजी मंदिर (Godavari Dham Balaji Temple in Kota)-राजस्थान के कोटा में स्थित गोदावरी धाम एक महत्वपूर्ण हिंदू मंदिर परिसर है, जो मुख्य रूप से भगवान हनुमान (बालाजी)को समर्पित है। यह चंबल नदीके किनारे खूबसूरती से स्थित है और भक्तों और आगंतुकों को शांत दृश्य और सुकून भरा वातावरण प्रदान करता है। यह मंगलवार और शनिवार को होने वाली विशेष आरती और सुंदरकांड पाठ के लिए प्रसिद्ध है , जो बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यहां भगवान शिव, गणेश और भैरव जैसे अन्य देवी-देवताओं के मंदिर और एक गौशाला भी है।
- मान्यता है कि भक्त विशेषकर मंगलवार व शनिवार को मध्यरात्रि आरती के लिए आते है।
- स्थान – Chambal River, Rajasthan, Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Godavari Dham – 4.1 km
8. शिव मंदिर, ऋद्धि सिद्धि नगर (Shiv Mandir, Riddhi Siddhi Nagar in Kota )
शिव मंदिर, ऋद्धि सिद्धि नगर (Shiv Mandir, Riddhi Siddhi Nagar in Kota )-कोटा के रिद्धि सिद्धि नगर में स्थित शिव मंदिर, महादेव पार्क के पास स्थित एक स्थानीय हिंदू मंदिर है, जो प्रार्थना और ध्यान के लिए अपने शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यह आवासीय क्षेत्र में भक्तों को आध्यात्मिक शांति और एक निर्मल वातावरण प्रदान करता है। हालांकि इसके बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह एक सामुदायिक मंदिर है, जो जग मंदिर जैसे भव्य स्थलों से अलग है, और भगवान शिव के प्रति भक्ति पर जोर देते हुए दैनिक पूजा के लिए एक शांत स्थान प्रदान करता है।
- मान्यता है कि मंदिर आस्था और प्रार्थना का केंद्र है।
- स्थान- Riddhi Siddhi Nagar , Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Shiv Mandir, Riddhi Siddhi Nagar Kota – 6.0 km
9. आई.एल. टेंपल (IL Temple in Kota )
आई.एल. टेंपल (IL Temple in Kota ) – कोटा का ‘IL Temple’ (इंस्ट्रूमेंटेशन लिमिटेड टेम्पल) एक छोटा लेकिन बहुत प्रसिद्ध मंदिर है, खासकर कोटा के छात्रों के बीच, जहाँ वे अपनी इच्छाएँ और शुभकामनाएँ मंदिर की दीवारों पर लिखकर जाते हैं, और यह मंदिर छात्रों की सफलता के लिए एक आस्था का केंद्र बन गया है, जो कोचिंग हब कोटा की संस्कृति का हिस्सा है । यह 1500 साल पुराना माना जाता है। इसमें भगवान शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की अनोखी प्रतिमाएँ हैं, साथ ही तीन नंदी भी हैं और सूर्य की पहली किरणें सीधे गर्भ गृह में पड़ती हैं।
- मान्यता है कि IIT और NEET में प्रवेश के लिए छात्र अपनी मन्नते लिखते है और वे सफल होते हैं।
- स्थान – IL Township, Jhalawar Road, Kota
- Distance From Aerodrome Circle to IL Temple – 5.4 km
10. करई के बालाजी (Karai Ke Balaji in Kota)
करई के बालाजी (Karai Ke Balaji in Kota) – कराई के बालाजी, कोटा, राजस्थान में चंबल नदी के किनारे स्थित एक लोकप्रिय और शांत हनुमान मंदिर है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति के लिए जाना जाता है, जहाँ श्रद्धालु मानसिक शांति और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति के लिए आते हैं, और यह कोटा के प्रमुख चमत्कारी मंदिरों में से एक है, जो भक्तों को सुकून का अनुभव कराता है.
- मान्यता है कि भक्तों की मन्नतें पूरी करने के लिए यह स्थान जाना जाता है, इन्हें भगवान हनुमान का बाल रूप माना जाता है, जो भक्तों को शक्ति और सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- स्थान –Karai Ke Balaji , Rawatbhata Road, Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Karai Ke Balaji – 3.8 km
11. माँ त्रिकुटा मंदिर (Maa Trikuta Temple in Kota)
माँ त्रिकुटा मंदिर (Maa Trikuta Temple in Kota) – कोटा का त्रिकुटा मंदिर राजस्थान में माता वैष्णो देवी को समर्पित एक प्रसिद्ध और भव्य मंदिर है, जिसे माता वैष्णो देवी भवन की प्रतिकृति के रूप में बनाया गया है जिसमें माता वैष्णो देवी की पिंडी रूप में स्थापना है जो भक्तों को एक ही स्थान पर असली वैष्णो देवी यात्रा जैसा अनुभव कराता है, जिसमें गुफाएँ, पहाड़ियाँ और सुंदर वास्तुकला है, जो भक्तों को आध्यात्मिक शांति और अनुभव देता हैऔर प्राकृतिक दृश्यों के साथ ‘कटरा’ नाम का फूड कोर्ट भी है। यह माता वैष्णो देवी को समर्पित है, जिन्हें त्रिकुटा माता भी कहा जाता है।
- मान्यता है कि यह माता वैष्णो देवी का ही एक रूप है, जो दुर्गा मां का ही एक रूप हैं और त्रिकुटा पर्वत पर तपस्या करती थीं , भक्त मानते हैं कि यहाँ दर्शन करने से उनकी यात्रा पूरी होती है।
- स्थान – Kunhadi, Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Maa Trikuta Temple – 9.6 km
12. इस्कॉन मंदिर / नन्दग्राम मंदिर (ISKCON Temple in Kota / Nandgram Mandir in Kota)
इस्कॉन मंदिर / नन्दग्राम मंदिर (ISKCON Temple in Kota / Nandgram Mandir in Kota) – कोटा का इस्कॉन मंदिर अब नंदग्राम धाम के नाम से जाना जाता है जो भगवान कृष्ण की भक्ति और वैदिक संस्कृति के प्रचार के लिए समर्पित एक आध्यात्मिक केंद्र है, जहाँ दैनिक पूजा-पाठ, त्योहार और सामुदायिक सेवा गतिविधियाँ होती हैं, और यह खासकर कोचिंग छात्रों को आध्यात्म से जोड़ने का काम करता है, जो अब मंदिर निर्माण में भूमि दान के लिए भी आमंत्रित कर रहे हैं।नंदग्राम धाम कोटा में आध्यात्मिकता और वैदिक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है,जो भगवान कृष्ण की शिक्षाओं और भक्ति योग पर केंद्रित है।
- मान्यता है कि यह सिर्फ एक मंदिर नहीं ,बल्कि एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आंदोलन है। जिसका उद्देश्य वैदिक संस्कृति का प्रचार करना और समुदाय को आध्यात्मिक रूप से विकसित करना है।
- स्थान – Hare Krishna Marg , Mukundara Vihar , NayaGaon , Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Iskcon Mandir – 11 km
13. रंगबाड़ी बालाजी मंदिर (Rangbari Balaji Mandir in Kota)
रंगबाड़ी बालाजी मंदिर (Rangbari Balaji Mandir in Kota) – कोटा का रंगबाड़ी बालाजी मंदिर, कोटा के रंगबाड़ी क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है, जो अपनी शांतिपूर्ण प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, खासकर छठ पूजा और अन्य त्योहारों के दौरान यहाँ एक बड़ा मेला लगता है, जहाँ भक्त आध्यात्मिक शांति और शक्ति के लिए आते हैं और यह एक धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ एक पार्क और घूमने की जगह भी है जहाँ लोग प्रकृति का आनंद लेते हैं और बालाजी की पूजा करते हैं।
- मान्यता है कि यहाँ हनुमान जी शनिवार और मंगलवार को कागज पर लिखकर जवाब देते हैं जो इसे बागेश्वर धाम जैसा चमत्कारी बनाता है।
- स्थान –Rangbari Balaji Mandir, Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Rangbari Balaji – 8 km
14. श्री मथुराधीश जी मंदिर (Shree Mathuradheesh Ji Temple in Kota)
श्री मथुराधीश जी मंदिर (Shree Mathuradheesh Ji Temple in Kota) – कोटा का मथुराधीश मंदिर, पुष्टिमार्ग संप्रदाय का एक प्रमुख और प्राचीन मंदिर है, जो भगवान कृष्ण को समर्पित है और कोटा के पाटनपोल में स्थित है, जिसे राजपूत राजाओं ने 1738 ई. में बनवाया था, जहाँ भगवान श्री कृष्ण (मथुराधीश) की मूर्ति स्थापित है, जो मथुरा के पास करनावल गांव से लाई गई थी। इसका निर्माण 1738 ईस्वी (संवत 1795) में हुआ था, यह वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के सात पीठों में से प्रथम पीठ है और कोटा में इसका विशेष महत्व है।
- मान्यता है कि यहाँ की सेवाएँ और परंपराएँ वल्लभ कुल के नियमों के अनुसार होती हैं यहाँ का वातावरण भक्तिमय होता है।
- स्थान –Barrage Road, Patanpole Road, Rampura Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Mathuradheesh Ji Temple – 2.9 km
15. वैष्णो देवी ज्योति मंदिर (Vaishno Devi Jyoti Mandir in Kota)
वैष्णो देवी ज्योति मंदिर (Vaishno Devi Jyoti Mandir in Kota) – कोटा के दादाबाड़ी में स्थित वैष्णो देवी ज्योति मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जिसे मूल माता वैष्णो देवी मंदिर के अनुभव को कोटा में लाने के लिए बनाया गया है यह मंदिर कटरा के माता वैष्णो देवी मंदिर के समान ही पहाड़ियों और गुफाओं के रूप में बनाया गया है, जिससे भक्तों को असली यात्रा जैसा अनुभव मिलता है।यहाँ दिल्ली सहित कई जगहों से श्रद्धालु आते हैं, खासकर लखबीर सिंह लक्खा जैसे भजन गायकों के कार्यक्रम यहाँ होते रहते हैं।
- मान्यता है कि यहाँ स्थित माता वैष्णो देवी की मूर्ति के दर्शन से सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं
- स्थान – Dadabadi , Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Vaishno Devi Jyoti Mandir – 3.4 km
16.गरड़िया महादेव मंदिर (Garadiya Mahadev Temple in Kota)
गरड़िया महादेव मंदिर कोटा, राजस्थान में चंबल नदी के किनारे एक खूबसूरत और शांत धार्मिक स्थल है, जो भगवान शिव को समर्पित है और समुद्र तल से 500 फीट ऊंची चट्टान पर स्थित है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घाटी और नदी के मनमोहक नज़ारों के लिए जाना जाता है; जहाँ से चंबल घाटी और नदी के मनोरम, घुमावदार नज़ारे दिखते हैं, यह एक शांत और एकांत स्थान है जो प्रकृति प्रेमियों और आध्यात्मिक यात्रियों के लिए आदर्श है,लेकिन यहाँ सुविधाओं की कमी है और यह वन विभाग के क्षेत्र में होने के कारण प्रवेश शुल्क लगता है।
चंबल नदी का इसका अनूठा घोड़े की नाल के आकार का मोड़ राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित भूदृश्य स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका है।
- मान्यता है कि यह भगवान शिव की पूजा का एक शक्तिशाली स्थल है, जो आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद की तलाश में आने वाले तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है।
- स्थान – Garadiya Mahadev Road, Daulatganj, Kota, Rajasthan
- Distance From Aerodrome Circle to Garadiya Mahadev – 24 km
17. कर्णेश्वर महादेव (Karneshwar Mahadev Temple in Kota)
कर्णेश्वर महादेव (Karneshwar Mahadev Temple in Kota) – कोटा के पास स्थित कर्णेश्वर महादेव मंदिर एक प्राचीन और शांत शिव मंदिर है, जो कर्णेश्वर रोड, बरदा बस्ती में स्थित है। यह अपने अनोखे चतुर्मुखी शिवलिंग के लिए जाना जाता है, यहां भक्त महाशिवरात्रि और अन्य अवसरों पर दर्शन के लिए आते हैं, यहां सुबह-शाम की आरती मनमोहक होती है। मान्यता है कि इसका निर्माण पांडवों ने किया था।मंदिर की बनावट और दीवार कला दर्शनीय है, और इसकी बनावट ऐसी है कि सूरज की पहली किरण शिवलिंग पर पड़ती है।
- मान्यता है कि यह मंदिर पांडवों के वनवास काल से जुड़ा है या इसका निर्माण राजा शिवगण मौर्य ने 738 ईस्वी में करवाया था, जहाँ एक प्राचीन शिवलिंग स्थापित है ।
- स्थान – Karneshwar Road, Near Kota Bypass, Anantpura, Kota,Rajasthan
- Distance From Aerodrome Circle to Karneshwar Mahadev – 10 km
18. साईं बाबा मंदिर, कोटा (Sai Baba Temple in Kota)
साईं बाबा मंदिर, कोटा (Sai Baba Temple in Kota) – कोटा में मुख्य साईं बाबा मंदिर श्री शिरडी साईं सेवा समिति, गढ़ पैलेस, टिपटा के पास स्थित है, जो 15 अगस्त 1998 को स्थापित हुआ, जहाँ संगमरमर की मूर्ति है और हर साल 15 अगस्त को वार्षिक उत्सव मनाया जाता है।जहाँ नियमित पूजा-अर्चना और विशेष अवसरों पर भव्य पालकी यात्राएं निकलती हैं, जिससे भक्तों को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
- मान्यता है कि ये मंदिर शिरडी के साईं बाबा को समर्पित हैं और बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करते हैं।
- स्थान –Tipta , Kota
- Distance From Aerodrome Circle to Sai Baba Temple – 3.8 km
19. सर्किट हाउस वाले गणेश जी मंदिर (Circuit House Vale Ganesh Ji Temple in Kota)
सर्किट हाउस वाले गणेश जी मंदिर (Circuit House Vale Ganesh Ji Temple in Kota) – कोटा का सर्किट हाउस वाला गणेश मंदिर बहुत प्रसिद्ध है, जिसे वीआईपी गणेश जी के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहाँ कलेक्टर, एसपी, मंत्री जैसे सभी बड़े अधिकारी और वीआईपी दर्शन करने आते हैं; यह एक प्राचीन और मान्यता प्राप्त मंदिर है और खासकर गणेश चतुर्थी पर यहाँ भव्य आयोजन होते हैं, स्वर्ण श्रृंगार किया जाता है और 1600 किलो तक मोदक का भोग लगता है।
यह शहर में अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहां दर्शन करने से कार्य सिद्ध होते हैं और शुभ फल मिलता है, इसलिए यह अधिकारियों और आम जनता दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
- मान्यता है कि एक बहुत पुराना और शक्तिशाली मंदिर माना जाता है, जहाँ हर कोई अपनी मनोकामना पूरी करने आता है।
- स्थान – Circuit House ,Station Main Road, Civil Lines, Nayapura, Kota
- Distance From Aerodrome Circle to – 3.7 km
20. चरण चौकी मोतीपुरा ,कोटा ( Charan Choki Motipura In Kota )
चरण चौकी मोतीपुरा ,कोटा ( Charan Choki Motipura In Kota ) – कोटा की मोतीपुरा स्थित चरण चौकी, भगवान श्रीनाथजी के बाल स्वरूप के पवित्र चरण-चिह्नों का एक ऐतिहासिक और पूजनीय स्थान है, जो द्वापर युग से जुड़ा है और उनके पदचिह्न एक पद्म शिला पर अंकित हैं; यह स्थान कोटा से करीब 18 किमी दूर है और यहाँ हर साल बड़ी संख्या में भक्त आते हैं, खासकर गुजरात से, और पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के तहत इसकी पूजा-अर्चना होती है। इसे कृष्ण विलास के नाम से भी जाना जाता है। यह श्रीनाथजी की देशभर में स्थापित छह चरण चौकियों में से एक है।
- मान्यता है कि संवत 1726 में जतीपुरा से नाथद्वारा जाते समय श्रीनाथजी ने यहाँ चार माह विश्राम किया था।
- स्थान –Prahladpura,Rajasthan Kota
- Distance From Aerodrome Circle to – 15 km
21. दाढ़ देवी माता मंदिर ( Dadh Devi Mata Mandir In Kota )
दाढ़ देवी माता मंदिर ( Dadh Devi Mata Mandir In Kota ) – दाढ़ देवी मंदिर (Dhad Devi Mandir) कोटा, राजस्थान के पास उम्मेदगंज में स्थित एक प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जो 8वीं-10वीं शताब्दी का माना जाता है और कोटा के हाड़ा राजपूतों की कुलदेवी हैं और दुर्गा देवी का उग्र रूप मानी जाती हैं, जिनकी मूर्ति में उभरी हुई दाढ़ के कारण इन्हें यह नाम मिला है; यह मंदिर अपनी ऐतिहासिकता, शांत वातावरण और नवरात्रों में लगने वाले मेले के लिए प्रसिद्ध है। जहाँ भक्त मन्नतें पूरी करने आते हैं और कई अनोखी परंपराएँ निभाई जाती हैं, जैसे आलता चढ़ाना और कुंड के जल का उपयोग करना।
- मान्यता है कि यहाँ की शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता भक्तों को आकर्षित करती है; शाही परिवार आज भी सदियों पुरानी परंपराएँ निभाता है।
- स्थान – Rooparel, Rajasthan Kota
- Distance From Aerodrome Circle to – 16 km








